डायबिटीज (शुगर): मधुमेह के लक्षण और प्रकार | Diabetes in Hindi
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डायबिटीज (शुगर): मधुमेह के लक्षण और प्रकार | Diabetes in Hindi


मधुमेह (डायबिटीज, शुगर) क्या है

तकनीकी रूप से कहा जाए तो मधुमेह एक ऐसी बीमारी को कहा जाता है जिसमे रक्त में ग्लूकोज (एक प्रकार की शर्करा) का स्तर एक सामान्य सीमा से अधिक हो जाता है। आइए विस्तार में जानते है की मधुमेह क्या है?

ग्लूकोज – हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक है यह हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन के माध्यम से हमारे शरीर में प्रवेश करता है। और बाद में यह ग्लूकोज शरीर की कई गतिविधियों को बनाए रखने के लिए ऊर्जा में परिवर्तित होता है। रूपांतरण (ग्लूकोस को ऊर्जा में बदलना) का यह महत्वपूर्ण कार्य इंसुलिन नामक एक हार्मोन को सौंपा गया है। इंसुलिन एक ग्रंथि से उत्पन्न होता है जिसे अग्न्याशय कहा जाता है। समस्या तब उत्पन्न होती है जब अग्न्याशय द्वारा उत्पादित इंसुलिन पर्याप्त नहीं होता है, या जब अग्न्याशय पूरी तरह से इंसुलिन का उत्पादन करने में विफल रहता है। तब ऐसे मामलों में ग्लूकोज, शरीर की आवश्यक मात्रा तक की सीमा तक ऊर्जा में परिवर्तित नहीं किया जा सकता है, जिससे हमारे शरीर के अंदर ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, और शरीर में शर्करा का एक सामान्य सीमा से अधिक होने की स्थिति को मधुमेह कहते है।

मधुमेह के विभिन्न प्रकार हैं, जिनमें डायबिटीज टाइप 1 और डायबिटीज टाइप 2 शामिल हैं। आमतौर पर टाइप 1 डायबिटीज से बच्चे और कम उम्र के लोग अधिक प्रभावित होते है, टाइप 2 डायबिटीज – एक आम और सामान्य रूप से अधिक उम्र के लोगो को होती है जिससे आमतौर पर 40 वर्ष से उपर की आयु के लोग प्रभावित होते है।

ध्यान रखें कि आपको मधुमेह से सावधान रहने की आवश्यकता होती है क्योकि वास्तव में मधुमेह एक लाइलाज बीमारी है जिसके उपचार के लिए अभी तक कोई भी दवा नहीं बनी है बस मधुमेह को कुछ आयुर्वेदिक और अन्य एलोपेथिक दवाईओ द्वारा नियंत्रित किया जा सकता है। यदि आपके रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक है तो ये जरुरी नहीं की आपको मधुमेह है, पर ये मधुमेह होने का संकेत होता है और ऐसी स्थति को ‘प्री-डायबिटीज’ कहते है यदि आपके खून में शर्करा की मात्रा अधिक है और आप आवश्यक आहार और जीवन शैली में तेजी से बदलाव नहीं करते हैं, तो आपकी प्री-डायबिटीज जल्द ही पूर्ण मधुमेह में बदलने की संभावना भी अधिक बढ़ जाती है। इसलिए आपको खून में शर्करा की जाँच समय समय पर करवानी चाहिए जिससे आप मधुमेह का शिकार न हो और समय पर इसका इलाज करा सके।

आज लगभग 50 मिलियन से अधिक मधुमेह से पीड़ित नागरिकों के साथ, भारत को दुनिया की मधुमेह राजधानी भी कहा जाता है, विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया कि 2030 तक, देश में लगभग 98 मिलियन लोगों को टाइप 2 मधुमेह हो सकता है। डॉक्टर की समय समय पर सलाह और जांच और अनुशंसित दवा का सेवन करने के अलावा मधुमेह जैसी बीमारी का अन्य कोई उपचार नहीं है। हालांकि, ऐसे कुछ तरीके है जिनको अपना कर आप मधुमेह होने की संभावना को कम कर सकते हैं और खुद के साथ अपने परिवार के अन्य किसी व्यक्ति को प्रभावित होने से बचा सकते है।


क्यों मधुमेह को एक स्वास्थ्य खतरा माना जाता है?


जब शरीर में समय के साथ शर्करा का स्तर एक नियंत्रित सीमा से अधिक बढ़ जाता है तो यह शरीर के अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। यहां तक ​​कि कभी-कभी घातक – स्ट्रोक, दिल का दौरा और गुर्दे, आंखों, नसों, पैरों और यहां तक ​​कि मसूड़ों की बीमारियों जैसी समस्याएं उत्त्पन्न हो सकती है। वास्तव में, अल्जाइमर रोग, पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम (पीसीओएस), अग्नाशयी कैंसर और यहां तक ​​कि कुशिंग सिंड्रोम जैसी बीमारियों को भी मधुमेह से जोड़ा गया है।


इंसुलिन कैसे काम करता है?

अग्न्याशय एक ग्रंथि है जो पेट के पीछे, नीचे की तरफ स्थित होती है, और यह इंसुलिन नामक एक हार्मोन का उत्पादन करती है। इंसुलिन हमारे शरीर के लिए बहुत उपयोगी है। हमारा आमाशय कार्बोहाइड्रेट्स को रक्त शर्करा में परिवर्तित करता है। इंसुलिन के माध्यम से यह रक्त शर्करा ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है। यदि पैनक्रियाज इंसुलिन बनाना बंद कर दे तो ब्‍लड ग्‍लूकोज ऊर्जा में परिवर्तित नहीं होगी। सरल शब्दो में कहे तो इंसुलिन के जरिए ही रक्त के द्वारा कोशिकाओं को शुगर मिलती है यानी इंसुलिन शरीर के अन्य भागों में शुगर पहुंचाने का काम करता है। इंसुलिन द्वारा पहुंचाई गई शुगर से ही कोशिकाओं या सेल्स को ऊर्जा मिलती है। इसलिए शरीर की सभी क्रियाये सही तरीके से काम करे और आपका शरीर ऊर्जावान रहे उसके लिए इंसुलिन का निर्माण होना जरूरी है। यही कारण है जिसकी वजह से डायबिटीज के रोगियों को इंसुलिन की अतिरिक्‍त खुराक दी जाती है।


मधुमेह के विभिन्न प्रकार क्या हैं?

मधुमेह को उसकी स्थति, उम्र और शरीर में शुगर की मात्रा के अनुसार कई प्रकार में बांटा गया है मधुमेह के प्रकार हो सकते हैं, जैसे:

  • टाइप 1 डायबिटीज – ​​बच्चों में सबसे आम है, यह तब होता है जब अग्न्याशय इंसुलिन का उत्पादन बिल्कुल बंद कर देता है।

  • टाइप 2 मधुमेह – वयस्कों में सबसे आम है, यह तब होता है जब अग्न्याशय पर्याप्त इंसुलिन का उत्पादन नहीं करता है। यह मधुमेह का सबसे आम प्रकार है और आमतौर पर 40 से अधिक आयु के लोगो में देखने को मिलता है।

  • टाइप 3 डायबिटीज – ​​इसका निदान तब किया जाता है जब किसी व्यक्ति को अल्जाइमर की बीमारी टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज के कारण होती है। इसकी वजह से मस्तिष्क की कार्य छमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

  • गर्भकालीन मधुमेह – यह गर्भवती महिलाओ में देखने को मिलता है और गर्भावस्था के दौरान ही विकसित होता है, गर्भकालीन मधुमेह आमतौर पर रोगी को जन्म देने के बाद खत्म हो जाता है।

  • मधुमेह लाडा (वयस्कों में अव्यक्त ऑटोइम्यून मधुमेह) – यह स्थिति तब होती है जब अग्न्याशय सही तरीके से इंसुलिन का उत्पादन करना बंद कर देता है जो धीरे-धीरे अग्न्याशय में इंसुलिन पैदा करने वाली कोशिकाओं को प्रभावित करता है।

  • डायबिटीज MODY (युवा की परिपक्वता शुरुआत मधुमेह) – यह टाइप 1 और टाइप 2 से अलग प्रकार की डायबिटीज का एक दुर्लभ रूप है और यह दृढ़ता से वंशानुगत है। इसका मुख्य कारण ऑटोसोमल जीन में उत्परिवर्तन मुख्य कारण है, जिसके परिणामस्वरूप इंसुलिन उत्पादन प्रभावित होता है।

  • डबल डायबिटीज – डबल डायबिटीज ​​उन व्यक्तिओ में होती है जिनमे टाइप 1 डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज दोनों के लक्षण देखने को मिलते है यह स्थिति तब विकसित होती है जब टाइप 1 डायबिटीज वाले किसी व्यक्ति में इंसुलिन प्रतिरोध विकसित होता है, जिसे आप पारंपरिक रूप से टाइप 2 डायबिटीज में देखते हैं, इसे ही डबल डायबिटीज के रूप में जाना जाता है।

  • स्टेरॉयड-प्रेरित मधुमेह – जिन लोगों में कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स के लम्बे समय तक उपयोग करने के परिणामस्वरूप मधुमेह होता है यह एक प्रकार का टाइप 2 मधुमेह है।

  • भंगुर या भयंकर मधुमेह – इस प्रकार के मधुमेह को नियंत्रित करना कठिन होता है, क्योंकि रक्त शर्करा का स्तर बहुत कम (हाइपोग्लाइसीमिया) और बहुत अधिक (हाइपरग्लाइसेमिया) के बीच बदलता रहता है।

  • द्वितीयक मधुमेह – यह तब होता है जब किसी व्यक्ति को किसी अन्य चिकित्सा स्थिति के प्रभाव की वजह से मधुमेह होता है।

  • डायबिटीज इन्सिपिडस ((डाई-उह-बीई-टी-इन-सिप-उह-डस)- यह मधुमेह का एक दुर्लभ रूप है, डायबिटीज मेलिटस से संबंधित नहीं है। यह विकार असामान्य है और शरीर में तरल पदार्थों के असंतुलन का कारण बनता है, यह असंतुलन रोगी को बहुत प्यासा बनाता है और परिणामस्वरूप व्यक्ति को बहुत प्यास लगती है, ऐसे व्यक्ति बहुत सारा तरल पदार्थ पीते हैं और जल्दी जल्दी पेशाब करते रहते है।

  • किशोर मधुमेह – युवावस्था में होने वाले मधुमेह को किशोर मधुमेह कहते है । किशोर मधुमेह असल में टाइप 1 मधुमेह है, मधुमेह भिन्नता किशोर या बच्चों में विकसित या प्रकट होती है। मधुमेह के इस रूप को इंसुलिन-निर्भर मधुमेह के रूप में भी जाना जाता है और इसे ठीक नहीं किया जा सकता है, केवल प्रबंधित किया जाता है।


मधुमेह के लक्षण


यहाँ मधुमेह के कुछ लक्षण और चेतावनी के संकेत दिए गए हैं जो महिलाओं और पुरुषों दोनों में समान रूप से देखने को मिल सकते है उदाहरण के लिए:

मधुमेह के लक्षण निम्नलिखित हो सकते है

  • बार-बार पेशाब का आना
  • वज़न का अचानक से ज़्यादा बढ़ना या कम होना।
  • गला सूखना या ज्यादा प्यास लगना
  • कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
  • बार-बर फोड़े-फुंसियां निकलना
  • आँखों की रौशनी कम होना
  • चिड़चिड़ापन
  • चक्कर आना
  • हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म
  • ज़रूरत से ज़्यादा भूख लगना।


मधुमेह (डायबिटीज ) की जांच

मधुमेह (डायबिटीज) एक गंभीर प्रकार की बीमारी है और अगर एक बार किसी व्यक्ति को हो जाये तो दवाइयां जिंदगी भर खानी पड़ सकती है इसलिए डायबिटीज की जांच समय समय पर करवानी चाहिए जिससे आप अपने और अपने परिवार को इस गंभीर बीमारी से बचा सके HOD में मधुमेह की सभी जांच सस्ते दामों पर की जाती है अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे


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Data  References

www.webmd.com/Diabetes/type-2-Diabetes#3

www.jdrf.org/t1d-resources/about/treatment/




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