जानिए एनीमिया रोग (Anemia) के बारे में,कारण,प्रमुख लक्षण,उपचार और जाँच
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एनीमिया रोग-Anemia

जानिए एनीमिया रोग (Anemia) के बारे में, कारण, लक्षण, उपचार और रोकथाम


शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या कितनी होती है।

एनीमिया रोग को समझने के लिए हमें ये पता होना चाहिए की एक मनुष्य के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या (RBC Count) कितनी होनी चाहिए ?

हमारा खून (Blood) मुख्य रूप से लाल रक्त कणिकाओं, सफेद रक्त कणिकाओं और प्लेटलैट्स (Platelets) से मिलकर बना है जिनमे से लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) हमारे शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लाल रक्त कोशिकाओं के अंदर स्थित प्रोटीन को हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) कहते है जो हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं में ऑक्सीजन ले जाता है। लाल रक्त कोशिकाएं शरीर से कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों तक पंहुचा कर इसे बाहर निकालने का काम भी करती है। ये हड्डियों के अंदर, अस्थि मज्जा में बनती हैं। और आम तौर पर लगभग 120 दिनों तक ही जीवित रहती हैं। लाल रक्त कोशिकाओं की गिनती सटीक बता पाना मुश्किल है और ये संख्या पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में अलग – अलग होती है। यह रेंज एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी भिन्न होती हैं, साथ ही खून की जाँच करने वाली लैब के आधार पर भी बदल सकती हैं।

महिलाओ में एनीमिया रोग होने का खतरा अधिक होता है क्योकि महिलाओं में आमतौर पर पुरुषों की तुलना में आर.बी.सी. की संख्या कम होती है, और लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर उम्र के साथ कम हो जाता है। सामान्य लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या पुरुषों में लगभग प्रति माइक्रोलिटर (µL) 4.7 से 6.1 मिलियन कोशिकाएं और महिलाओं के लिए 4.2 से 5.4 मिलियन कोशिकाएं होती है।

महिलाओ की तरह ही बच्चो में भी एनीमिया रोग होने का खतरा काफी अधिक है क्योकि बच्चों में लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या –  सामान्य गणना 4.0 से 5.5 मिलियन कोशिका प्रति माइक्रोलिटर (µL) होती है।.


आइए जानते है एनीमिया रोग के बारे में (About Anemia)

खून (रक्त) में जब लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर, उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। तब ऐसी स्थति में शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है (खून की कमी) जिसे एनीमिया रोग (Anemia) कहते है | एनीमिया रोग की स्थति में शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा एक स्तर से कम हो जाती है जिससे ऑक्सीज़न शरीर के सभी हिस्सों में पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती है और हमेशा कमजोरी, घबराहट और थकान जैसी स्थति बनी रहती है।


एनीमिया रोग होने के कारण (Causes of Anemia)

एनीमिया रोग का कोई एक प्रमुख कारण नहीं है, इस रोग के कई कारण हो सकते है। नीचे एनीमिया रोग के कुछ मुख्य और सामान्य कारण दिए गये है:


  • शरीर में खून का कम बनना
  • आर.बी.सी (RBC) कोशिकाओं का अधिक नष्ट होना पर उतनी ही मात्रा में नयी कोशिकाओं का न बनना
  • रक्तस्राव और हेमोररहागिँग (bleeding and hemorrhaging)
  • ओवर हाइड्रेशन (overhydration)
  • गुर्दे की बीमारी (kidney disease)
  • कुपोषण (malnutrition)
  • अस्थि मज्जा विफलता (bone marrow failure)
  • गर्भावस्था (pregnancy)
  • मसिक धर्म होना (Period)

लाल रक्त कोशिकाओं की संख्या औसत से अधिक होने के कारण (High Levels of RBC Causes)

लाल रक्त कोशिकाओं की गिनती औसत से अधिक भी खतरनाक होती है और ऐसा निम्न स्थितियों के कारण हो सकता हैं, जिनमें शामिल हैं:


  • दिल की स्थिति (Heart Conditions)
  • गुर्दे से संबंधित समस्याएं (Kidney Problems)
  • अस्थि मज्जा रोग (Bone Marrow Disease)
  • रक्त में ऑक्सीज़न का स्तर कम होना – ह्य्पोक्सिआ (Hypoxia)
  • निर्जलीकरण (Dehydration)
  • धूम्रपान और तंबाकू का सेवन करना (Smoking, Tabacco Addiction)
  • कुछ दवाएं रक्त को भी प्रभावित करती हैं, जो आर.बी.सी (RBC) के स्तर को सामान्य से अधिक या कम कर सकती है।

एनीमिया रोग के लक्षण हो सकते हैं: (Symptoms of Anemia)


  • सिर चकराना
  • थकान
  • साँसों की कमी (साँस फूलना)
  • शरीर की त्वचा का हल्का पीला पड़ना
  • दिल की घबराहट
  • एनीमिया रोग गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है जिसका समय पर इलाज न करवाने पर जीवन के लिए खतरा हो सकता है।


अगर आपको यह लक्षण अपने शरीर में लम्बे समय से दिख रहे है तो आपको एनीमिया रोग हो सकता है इसलिए जल्द से जल्द अपने खून की जाँच जरूर करवाए।


एनीमिया रोग का पता लगाने के लिए निम्न जांच की जाती हैं। (Tests for Anemia)

एनीमिया रोग के उपचार से पहले आपको ये पता होना चाहिए की आपको किस प्रकार का एनीमिया रोग है, इसलिए रोगी को अपने रक्‍त की जांच जरूर करवानी चाहिए जिससे डॉक्टर आसानी से पता कर सके की एनीमिया रोग किस प्रकार का है और उसके अनुसार एनीमिया रोग का सही से उपचार कर सके। इसके अलावा रोगी को अन्य जांच भी करवानी चाहिए जिससे एनीमिया होने की मुख्य वजह का पता लगाया जा सके।

एनीमिया रोग का पता लगाने के लिए निम्न जाँच की जाती है।


एनीमिया रोग का उपचार कैसे करे (Anemia Treatment) 

एनीमिया रोग का उपचार किया जा सकता है उसके लिए बस आपको इतना पता होना चाहिए की आपको किस प्रकार का एनीमिया रोग है अगर आपके शरीर में विटामिन्स, खून या फिर आयरन की कमी है तो आपको उसी के अनुसार आहार लेना चाहिए। आपको एक बात का ध्यान रखना है कोई भी छोटी से छोटी बीमारी कभी भी बड़ा रूप ले सकती है इसलिए कुछ भी करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी ले।


एनीमिया रोग का उपचार करने के लिए आप निम्न नुस्खे अपना सकते है
  • विटामिन ए के स्त्रोत जैसे मूली, गाजर, चकुंदर, अनार का जूस, टमाटर, खीरा और शलजम आदि का अधिक से अधिक सेवन
  • सूखे मेवे- बादाम, खजूर और किशमिश का प्रयोग करना चाहिए। इसमें आयरन की पर्याप्त मात्रा होती है
  • विटामिन ए और विटामिन सी का सेवन करना
  • पानी उबालकर ही पिएं
  • लौह तत्वों से भरपूर खाने का अधिक सेवन करे
  • काली चाय और कॉफी से दूर रहें
  • फोलिक एसिड वाली चीजें जैसे मूंगफली, अंडे, सूखे मेवे, मटर, बाजरा, शलजम आदि का अधिक सेवन
  • अंकुरित दालों और अनाजों का नियमित सेवन करे।



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खून (रक्त) में जब लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर, उनके निर्माण की दर से अधिक होती है। तब ऐसी स्थति में शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है (खून की कमी) जिसे एनीमिया रोग (Anemia) कहते है | एनीमिया रोग की स्थति में शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं की मात्रा एक स्तर से कम हो जाती है
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